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इनकम टैक्स कैलकुलेटर: नई बनाम पुरानी व्यवस्था

अपनी सैलरी डालें और दोनों व्यवस्थाओं का टैक्स एक साथ देखें। जिसमें बचत ज़्यादा है, उस पर मुहर लगी दिखेगी।

टैक्स वर्ष 2026-27मुफ़्त · आपका डेटा कहीं नहीं भेजा जाताRead in English
किसी भी कटौती से पहले
₹
FD ब्याज, किराया आदि
₹
आपकी उम्र
आपके डिडक्शन (पुरानी व्यवस्था के लिए)

पक्का न हो तो ₹0 रहने दें। एम्प्लॉयर NPS को छोड़कर ये सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में गिने जाते हैं।

PPF, ELSS, EPF, LIC, ट्यूशन फ़ीस · अधिकतम ₹1.5 लाख
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अपना घर · अधिकतम ₹2 लाख
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अधिकतम ₹50,000
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80E, 80G, 80TTA…
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दोनों व्यवस्थाओं में
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टैक्स वर्ष 2026-27 के स्लैब

1 अप्रैल 2026 से नया इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 लागू है और “वित्त वर्ष / असेसमेंट वर्ष” की जगह अब “टैक्स वर्ष” कहा जाता है। बजट 2026 में स्लैब नहीं बदले। नई व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है; सैलरी वाले हर साल रिटर्न भरते समय पुरानी चुन सकते हैं।

आयनई व्यवस्था
₹4 लाख तकशून्य
₹4–8 लाख5%
₹8–12 लाख10%
₹12–16 लाख15%
₹16–20 लाख20%
₹20–24 लाख25%
₹24 लाख से ऊपर30%
आयपुरानी व्यवस्था (60 से कम)
₹2.5 लाख तकशून्य
₹2.5–5 लाख5%
₹5–10 लाख20%
₹10 लाख से ऊपर30%

₹12.75 लाख तक की सैलरी पर टैक्स शून्य

नई व्यवस्था में ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने के बाद अगर टैक्स योग्य आय ₹12 लाख तक है, तो ₹60,000 तक की छूट (रिबेट) पूरा टैक्स ख़त्म कर देती है। इसलिए ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं। इससे थोड़ा ऊपर, मार्जिनल रिलीफ़ यह तय करता है कि टैक्स ₹12 लाख से ऊपर की आय से ज़्यादा न हो।

कौन-सी व्यवस्था चुनें

पुरानी व्यवस्था तभी फ़ायदेमंद है जब डिडक्शन बड़े हों: होम लोन ब्याज, पूरा 80C, माता-पिता का हेल्थ इंश्योरेंस और बड़े शहर में HRA। कैलकुलेटर बताता है कि पुरानी व्यवस्था को सस्ता बनाने के लिए आपको कितने और डिडक्शन चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ़्री है?

नई व्यवस्था में हाँ। सैलरी वालों के लिए ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह ₹12.75 लाख तक है। शेयर पर कैपिटल गेन जैसी स्पेशल-रेट आय पर यह छूट नहीं मिलती।

क्या नई व्यवस्था में HRA मिलता है?

नहीं। HRA छूट, 80C, 80D और अपने घर के होम लोन ब्याज की छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है।

क्या हर साल व्यवस्था बदल सकते हैं?

सैलरी और पेंशन वाले हर साल रिटर्न भरते समय चुन सकते हैं। बिज़नेस आय वाले पुरानी व्यवस्था में सिर्फ़ एक बार लौट सकते हैं।