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इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर

ऑफ़र लेटर के CTC से जानें कि हर महीने आपके बैंक खाते में असल में कितनी सैलरी आएगी।

टैक्स वर्ष 2026-27मुफ़्त · आपका डेटा कहीं नहीं भेजा जाताRead in English
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सालाना
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टैक्स व्यवस्था
सैलरी स्ट्रक्चर
नए लेबर कोड के बाद अक्सर 50%
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CTC से इन-हैंड: कदम दर कदम

  1. CTC में से एम्प्लॉयर का 12% PF और ग्रेच्युटी (बेसिक का 4.81%) घटाएँ। यह आपकी ग्रॉस सैलरी है।
  2. वेरिएबल पे अगर साल में एक बार बोनस के रूप में मिलता है, तो उसे अलग रखें।
  3. अपना PF घटाएँ: बेसिक का 12% (या ₹1,800 महीना, अगर कंपनी PF को ₹15,000 बेसिक तक सीमित रखती है)।
  4. प्रोफ़ेशनल टैक्स घटाएँ: राज्य के हिसाब से ₹2,500 सालाना तक। राजस्थान, दिल्ली, यूपी और हरियाणा में यह नहीं लगता।
  5. इनकम टैक्स (TDS) घटाएँ, जिसे कंपनी पूरे साल में बराबर बाँटकर काटती है।

12 LPA CTC पर, बेसिक 50% मानकर, नई व्यवस्था में हर महीने लगभग ₹85,395 हाथ में आते हैं।

बेसिक सैलरी 50% क्यों हो रही है

21 नवंबर 2025 से लागू लेबर कोड के तहत “वेतन” कुल सैलरी के 50% से कम नहीं हो सकता। इसलिए कई कंपनियाँ बेसिक बढ़ा रही हैं। इससे PF और ग्रेच्युटी बढ़ती है और हर महीने की टेक-होम थोड़ी घट सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या एम्प्लॉयर का PF मेरी इन-हैंड सैलरी में आता है?

नहीं, वह आपके EPF खाते में जाता है। वह आपका ही पैसा है और इस पर 8.25% (2025-26) ब्याज मिलता है।