CTC से इन-हैंड: कदम दर कदम
- CTC में से एम्प्लॉयर का 12% PF और ग्रेच्युटी (बेसिक का 4.81%) घटाएँ। यह आपकी ग्रॉस सैलरी है।
- वेरिएबल पे अगर साल में एक बार बोनस के रूप में मिलता है, तो उसे अलग रखें।
- अपना PF घटाएँ: बेसिक का 12% (या ₹1,800 महीना, अगर कंपनी PF को ₹15,000 बेसिक तक सीमित रखती है)।
- प्रोफ़ेशनल टैक्स घटाएँ: राज्य के हिसाब से ₹2,500 सालाना तक। राजस्थान, दिल्ली, यूपी और हरियाणा में यह नहीं लगता।
- इनकम टैक्स (TDS) घटाएँ, जिसे कंपनी पूरे साल में बराबर बाँटकर काटती है।
12 LPA CTC पर, बेसिक 50% मानकर, नई व्यवस्था में हर महीने लगभग ₹85,395 हाथ में आते हैं।
बेसिक सैलरी 50% क्यों हो रही है
21 नवंबर 2025 से लागू लेबर कोड के तहत “वेतन” कुल सैलरी के 50% से कम नहीं हो सकता। इसलिए कई कंपनियाँ बेसिक बढ़ा रही हैं। इससे PF और ग्रेच्युटी बढ़ती है और हर महीने की टेक-होम थोड़ी घट सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एम्प्लॉयर का PF मेरी इन-हैंड सैलरी में आता है?
नहीं, वह आपके EPF खाते में जाता है। वह आपका ही पैसा है और इस पर 8.25% (2025-26) ब्याज मिलता है।